Connect with us

Mantra and Aarti

Dattachi Aarti Lyric Marathi | दत्ताची आरती | Hindi |

Published

on

Dattachi Aarti Lyric Marathi

Dattachi Aarti Lyric Marathi

Dattachi Aarti Lyric Marathi | दत्ताची आरती | Hindi

त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा।
त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा ।
नेती नेती शब्द न ये अनुमाना॥
सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥ 1 ॥

जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता ।
आरती ओवाळिता हरली भवचिंता ॥ धृ ॥

सबाह्य अभ्यंतरी तू एक द्त्त ।
अभाग्यासी कैची कळेल हि मात ॥
पराही परतली तेथे कैचा हेत ।
जन्ममरणाचाही पुरलासे अंत ॥ 2 ॥

दत्त येऊनिया ऊभा ठाकला ।
भावे साष्टांगेसी प्रणिपात केला ॥
प्रसन्न होऊनि आशीर्वाद दिधला ।
जन्ममरणाचा फेरा चुकवीला ॥ 3 ॥

दत्त दत्त ऐसें लागले ध्यान ।
हरपले मन झाले उन्मन ॥
मी तू पणाची झाली बोलवण ।
एका जनार्दनी श्रीदत्तध्यान ॥ 4 ॥

जय देव जय देव जय श्री गुरुदत्ता।
आरती ओवाळीतां हरली भवचिन्ता॥

।। इति दत्ताची आरती समाप्त ।।

दत्तात्रेय भगवान् का अवतरण

भगवान् दत्त जिन्हें दत्तात्रेय के नाम से भी जाना जाता है वह एक दैवीय अवतार है| उन्होंने यह अवतार मानवता के लिए लिया था| उनके जन्म के पीछे की एक कहानी है जो मातृत्व प्रेम को भी दर्शाती है| जब ऋषि अत्री की अर्धांगिनी देवी अनसूया ने त्रिदेव को अपने पुत्र के रूप में प्राप्त कराने की इच्छा हुई तब उन्होंने काफ कठिन तप किया| उस तप को देखते हुए लक्ष्मी और पार्वतीजी को जलन हुई| उन्होंने त्रिदेव को देवी अनसूया की परीक्षा लेनी के लिए मनाया| बाद में जब देवी अनसूया परीक्षा में उत्तीर्ण हुई तो त्रिदेव ने उन्हें वरदान दिया| उस वरदान के स्वरुप दत्तात्रेय भगवान् का अवतरण हुआ|

ऐसा माना जाता है की यह भगवान् विष्णु के रूप है|

दत्तात्रेय भगवान् जयंती

भगवान् दत्तात्रेय ने जिस दिन जन्म लिया उसे आज भी दत्तात्रेय भगवान् जयंती (Dattachi jayanti) के रूप में मनाया जाता है| इस वर्ष 29 दिसम्बर 2020 को दत्तात्रेय भगवान् जयंती (Dattachi jayanti) है|

दत्तात्रेय की पूजा करने से कई तरह के लाभ होते है| ज्योतिष में इन्हें गुरु के साथ जोड़ा गया है| अगर आपको गुरु ग्रह के सम्बंधित कोई परेशानी है तो भगवान् दत्त की कृपा से समस्या दूर हो सकती है| भगवान् दत्त के लिए निचे दिए गए मंत्र आप प्रयोग में ले सकते है|

भगवान् दत्तात्रेय ने अपने जीवन में 24 गुरु बनाए थे| लेकिन यह सभी प्रकृति से जुड़े हुए थे| प्रकृति के विभिन्न प्राणी को भी उन्होंने गुरु के रूप में स्वीकार किया है|

दत्तात्रेय भगवान् के मंत्र

  • ॐ द्रां दत्तात्रेयाय स्वाहा
  • ॐ महानाथाय नमः

निष्कर्ष (Dattachi Aarti)

यह हमने आपसे भगवान् दत्तात्रेय के की आरती को दिया है| साथ ही उनके जन्म के पीछे की कहानी और उनकी जयंती के बारे में भी कुछ विशेष जानकारी प्रदान की है|

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Panchang

Categories

Facebook

Advertisement

Trending