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श्री भागवत भगवान की आरती लिरिक्स

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श्री भागवत भगवान की आरती लिरिक्स

श्री भागवत भगवान की आरती यहाँ पर हम आपसे भगवान् श्री भागवत की आरती को लिखित यानी की लिरिक्स के रूप में प्रदान कर रहे है| यहाँ पर दी गयी आरती आप PDF के रूप Download भी कर सकते है|

श्री भागवत भगवान की आरती लिरिक्स

आरती अतिपावन पुरान की ।
धर्म-भक्ति-विज्ञान-खान की ॥

महापुराण भागवत निर्मल ।
शुक-मुख-विगलित निगम-कल्प-फल ॥

परमानन्द सुधा-रसमय कल ।
लीला-रति-रस रसनिधान की ॥

॥ आरती अतिपावन पुरान की… ॥

कलिमथ-मथनि त्रिताप-निवारिणि ।
जन्म-मृत्यु भव-भयहारिणी ॥

सेवत सतत सकल सुखकारिणि ।
सुमहौषधि हरि-चरित गान की ॥

॥ आरती अतिपावन पुरान की… ॥

विषय-विलास-विमोह विनाशिनि ।
विमल-विराग-विवेक विकासिनि ॥

भगवत्-तत्त्व-रहस्य-प्रकाशिनि ।
परम ज्योति परमात्मज्ञान की ॥

॥ आरती अतिपावन पुरान की… ॥

परमहंस-मुनि-मन उल्लासिनि ।
रसिक-हृदय-रस-रासविलासिनि ॥

भुक्ति-मुक्ति-रति-प्रेम सुदासिनि ।
कथा अकिंचन प्रिय सुजान की ॥

॥ आरती अतिपावन पुरान की… ॥

॥ इति श्री भागवत पुराण आरती समाप्त ॥

Bhagwat Bhagwan Aarti Lyrics PDF Download

Bhagwat Bhagwan Aarti Lyrics PDF Download |श्री भागवत भगवान की आरती लिरिक्स

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Bhagwat Bhagwan Aarti Lyrics PDF

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